-दिल्ली पुलिस ने गुजरात से किया गिरफ्तार
- 4 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया आरोपियों को
- इनके पास से 8 हैंड ग्रेनेड, डेटोनेटर और 36 राउंड पिस्टल बरामद
-पीसी में पुलिस ने बताया पहली बार हत्याकांड कैसे दिया अंजाम
नई दिल्ली। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। दिल्ली पुलिस ने गोली चलाने वाले 3 शूटर्स को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तीनों को गुजरात के मुंद्रा से गिरफ्तार किया। आरोपियों को दिल्ली की अदालत में पेश किया गया, जहां से तीनों को 4 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। इनके पास से 8 हैंड ग्रेनेड, डेटोनेटर और 36 राउंड पिस्टल बरामद किए गए हैं। एक एके सीरीज की असॉल्ट राइफल भी मिली है।
गिरफ्तार किए गए शूटर्स में से एक का नाम प्रियव्रत फौजी है। 26 साल का फौजी हरियाणा के सोनीपत जिले के गढ़ी सिसाना का रहने वाला है। प्रियवत फौजी शूटर्स के पूरे मॉड्यूल का हेड है। मर्डर के समय वह गोल्डी बराड़ के सीधे संपर्क में था। फौजी इससे पहले भी हत्या के 2 मामलों में शामिल रहा है। दूसरे शूटर का नाम कशिश कुलदीप (24) है। वह झज्जर, हरियाणा का है। स्पेशल सेल की गिरफ्त में आया तीसरा आरोपी भटिंडा, पंजाब निवासी केशव कुमार (29) है।
ऐसे हुई हत्या
गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस कर खुलासा किया कि हत्याकांड को किस तरह से अंजाम दिया गया था। पुलिस ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की टीम इस मामले पर काम कर रही थी। हमने 6 शूटर्स की पहचान की थी। पुलिस ने आगे बताया कि मर्डर में 2 मॉड्यूल एक्टिव थे। दोनों गोल्डी बराड़ के संपर्क में थे। एक मॉड्यू के 4 लोग बोलेरो गाड़ी में सवार थे। यह गाड़ी अभी गिरफ्तार किया गया कशिश चला रहा था। इस मॉड्यूल को प्रियवत लीड कर रहा था। इसमें अंकित सिरसा बैठा हुआ था। दूसरा मॉड्यूल कोरोला गाड़ी में सवार था। इस कार को केशव चला रहा था। इसमें जगदीप रूपा और मनप्रीत बैठे हुए थे। कोरोला कार ने सिद्धू की कार को ओवरटेक किया था और मनप्रीत मन्नू ने एके-47 से फायरिंग की थी।
29 मई को हुई थी सिद्धू मूसेवाला की हत्या
29 मई वो काला दिन साबित हुआ जिस दिन पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री ने एक होनहार टैलेंट को खोया। एक मां ने अपने 28 साल के नौजवान बेटे को अलविदा कहा। सिद्धू मूसेवाला की मौत ने उनके करीबियों और फैंस को तगड़ा झटका दिया है। सिंगर पर हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने ली है। सिद्धू मूसेवाला के मर्डर की प्लानिंग काफी समय पहले की गई थी, जिसे 29 मई को अंजाम दिया गया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने सभी को चौंका दिया। अस्पताल जाते जाते सिद्धू मूसेवाला की सांसें रूक गई थीं।
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