अबूधाबी के पहले हिंदू मंदिर का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, संतों के साथ की पूजा


  • मंदिर की ‘वैश्विक आरती’ में भी प्रधानमंत्री ने लिया भाग

–स्वामीनारायण संप्रदाय के पदाधिकारियों की उपस्थिति में मंत्रोच्चार

— अक्षर पुरुषोत्तम महाराज को पुष्पांजलि अर्पित की

इंट्रो

यूएई की राजधानी अबु धाबी में बने पहले हिंदू मंदिर का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने गर्भगृह में संतों के साथ पूजा-अर्चना की। इसे बैप्स ने बनाया है। ये वहीं संस्था है, जिसने अक्षरधाम मंदिर बनाया है। ये मंदिर कई मायनों में खास है। इसके हर पत्थर की नक्काशी राजस्थान में हुई, जमीन अबु धाबी के प्रिंस ने दान की और बनाने में हर धर्म लोग शामिल रहे।

अबू धाबी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को स्वामीनारायण संप्रदाय के पदाधिकारियों की उपस्थिति में मंत्रोच्चार के बीच अबू धाबी के पहले हिंदू मंदिर का उद्घाटन किया। हल्के गुलाबी रंग का रेशमी कुर्ता पजामा, बिना बांह वाली जैकेट और पटका पहने हुए प्रधानमंत्री ने मंदिर के लोकार्पण समारोह में पूजा विधि में भाग लिया। प्रधानमंत्री ने ‘वैश्विक आरती’ में भी भाग लिया जो बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) द्वारा दुनियाभर में बने स्वामीनारायण संप्रदाय के 1200 से अधिक मंदिरों में एक साथ आयोजित की गई। इससे पहले मोदी ने यहां पहले हिंदू मंदिर के निर्माण में योगदान देने वाले विभिन्न संप्रदायों के लोगों से मुलाकात की। दुबई-अबू धाबी शेख जायद राजमार्ग पर अल राहबा के पास 27 एकड़ क्षेत्र में करीब 700 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए मंदिर के उद्घाटन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले प्रधानमंत्री ने मंदिर में कृत्रिम रूप से तैयार की गईं गंगा और यमुना नदियों में जलार्पण भी किया। मंदिर अधिकारियों के अनुसार शिल्प और स्थापत्य शास्त्रों एवं हिंदू ग्रंथों में उल्लेखित निर्माण की प्राचीन शैली के अनुसार भव्य मंदिर बनाया गया है। बीएपीएस के लिए अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रमुख स्वामी ब्रह्मविहारीदास ने कहा, यहां वास्तुशिल्प पद्धतियों को वैज्ञानिक तकनीकों के साथ जोड़ा गया है। तापमान, दबाव और गति (भूकंपीय गतिविधि) को मापने के लिए मंदिर के हर स्तर पर 300 से अधिक उच्च तकनीक वाले सेंसर लगाए गए हैं। सेंसर अनुसंधान के लिए लाइव डेटा प्रदान करेंगे। यदि क्षेत्र में कोई भूकंप आता है तो मंदिर इसका पता लगा लेगा और हम अध्ययन कर सकेंगे।

मंदिर में मौजूद लोगों से भी मिले मोदी

मंदिर भ्रमण के बाद प्रधानमंत्री ने यहां मौजूद भारतीयों से मुलाकात भी की। प्रधानमंत्री ने मंदिर भ्रमण के आखिरी चरण में उन लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया जो इसके निर्माण में शामिल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने मंदिर का पूरा भ्रमण किया। यहां हर कलाकृति को देखा और उनके बारे में जानकारी हासिल की। यूएआई में हिंदू मंदिर के उद्घाटन के बाद यहां वैश्विक आरती की गई। इसे वैश्विक आरती कहा गया क्योंकि इसी समय पर यूएआई के साथ भारत और कई दूसरे देशों के बैप्स मंदिरों में भी आरती की गई।

ऐसा है मंदिर

27 एकड़ क्षेत्र में फैला मंदिर परिसर

700 करोड़ रुपए खर्च किए गए

300 उच्च तकनीक वाले सेंसर

किसी धातु का उपयोग नहीं

मंदिर के निर्माण में किसी भी धातु का उपयोग नहीं किया गया है। नींव को भरने के लिए कंक्रीट मिश्रण में 55 प्रतिशत सीमेंट की जगह फ्लाई ऐश का उपयोग किया गया है। मंदिर के निर्माण प्रबंधक मधुसूदन पटेल ने कहा, हमने परंपरागत सौंदर्य वाली पत्थर संरचनाओं और आधुनिक समय के शिल्प को मिलाते हुए तापमान रोधी सूक्ष्म टाइल्स और कांच के भारी पैनलों का इस्तेमाल किया है। यूएई में अत्यधिक तापमान को देखते हुए ये टाइल्स दर्शनार्थियों के पैदल चलने में सुविधाजनक होंगी।

नागर शैली में मंदिर का निर्माण

अबू धाबी के पहले हिंदू मंदिर का निर्माण नागर शैली में किया गया है। इसी तरह अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया गया है। मंदिर में स्वंयसेवक उमेश राजा के अनुसार, 20 हजार टन से अधिक चूना पत्थर के टुकड़ों को राजस्थान में तराशा गया और 700 कंटेनरों में अबू धाबी लाया गया।

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