सीजेआई, सीएम के नाम बंद लिफाफा
प्रयागराज। माफिया अतीक अहमद की चिट्ठी बंद लिफाफे में माननीय उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास भेजी जा रही है। अतीक अहमद के वकील विजय मिश्रा ने यह पुष्टि की है। मिश्रा ने बताया, अतीक अहमद ने कहा था कि यदि उनके साथ कोई दुर्घटना होती है या उनकी हत्या होती है तो बंद लिफाफे में एक चिट्ठी उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश और प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास जाएगी। उन्होंने कहा, वह चिट्ठी न तो मेरे पास है और न ही मेरे द्वारा भेजी जा रही है। वह चिट्ठी कहीं और रखी गई थी और किसी और व्यक्ति द्वारा भेजी जा रही है। इस चिट्ठी में क्या लिखा है, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। उल्लेखनीय है कि शनिवार की रात शाहगंज थानाक्षेत्र में मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय के भीतर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की तीन लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह हत्या उस समय की गई जब अतीक और अशरफ पुलिस हिरासत में चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल के भीतर दाखिल हो रहे थे।
वकील के घर के बाहर बम
माफिया अतीक अहमद के वकील दयाशंकर मिश्रा के कटरा इलाके में स्थित मकान के सामने कुछ अराजक तत्वों ने मंगलवार दोपहर कथित रूप से बम फेंका। कर्नलगंज थाना क्षेत्र में अंतर्गत कटरा की गोबर गली में कुछ युवकों ने आपसी रंजिश के चलते बम फेंका था, जिसमें संयोगवश अतीक अहमद के वकील दयाशंकर मिश्रा के मकान के सामने विस्फोट हुआ। हर्षित सोनकर नाम के युवक का रौनक, आकाश सिंह और छोटे के साथ पैसे को लेकर कुछ विवाद था और इस कारण सोनकर ने रौनक, आकाश और छोटे का पीछा करते हुए उनपर देसी बम फेंका।
–
मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने माफिया-नेता अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में पुलिस अभिरक्षा में हत्या को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस को नोटिस जारी किया है। यूपी डीजीपी और प्रयागराज के पुलिस आयुक्त को जारी अपने नोटिस में आयोग ने उनसे चार सप्ताह के भीतर इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। नोटिस में कहा गया है कि रिपोर्ट में हत्या के सभी पहलुओं मृतक के चिकित्सा-कानूनी प्रमाणपत्रों की प्रतियां, पंचनामा, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, पोस्टमॉर्टम जांच की सीडी/कैसेट, घटनास्थल का खाका और मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट को शामिल किया जाए।
0000

