-चीन परस्त है मोहम्मद मुइज्जू
(फोटो : मालदीव)
माले। भारत विरोधी रुख अपनाकर मालदीव के राष्ट्रपति का चुनाव जीते मोहम्मद मुइज्जू ने एक बार फिर अपने तेवर दिखाए हैं। मालदीव में भारत के उच्चायुक्त से मुलाकात के दौरान निवर्तमान राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने कहा है कि मालदीव ने फैसला किया है कि वो अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा। और मुझे उम्मीद है कि भारत इस फैसले का सम्मान करेगा। दरअसल, चुनाव जीतने के एक दिन बाद ही उन्होंने घोषणा की थी कि विदेशी सैनिकों को मालदीव से बाहर चला जाना चाहिए। मुइज्जू का सीधा इशारा भारतीय सेना की ओर था। भारत के 75 सैन्य अधिकारी मालदीव में रहते हैं जो भारतीय एयरक्राफ्ट का संचालन और रखरखाव करते हैं। मालदीव में भारत के उच्चायुक्त मुनु मुहावर तीसरे उच्चायुक्त हैं जिन्होंने मालीदव के राष्ट्रपति से मुलाकात की है। उनसे पहले ब्रिटिश उच्चायुक्त कैरन रोहस्लर और चीनी राजदूत वांग लिक्सिन ने उनसे मुलाकात की थी।
संप्रभुता के सम्मान के शर्त पर रिश्ते
मुलाकात के दौरान मुइज्जू ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि संप्रभुता के सम्मान के सिद्धांतों के आधार पर हम मालदीव-भारत संबंधों को नए सिरे से स्थापित कर दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सफल रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि मालदीव ने फैसला किया है कि वो अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा। और हमें उम्मीद है कि भारत इस फैसले का सम्मान करेगा। इसके अलावा मालदीव के निवर्तमान राष्ट्रपति मुइज्जू ने मोहम्मद सोहिल सरकार द्वारा भारत से लिए गए कर्जों के पुनर्गठन की भी आशा व्यक्त की है।
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