-कोटा में छात्रों द्वारा सुसाइड केस रोकने के लिए बड़ा कदम
जयपुर। राजस्थान के कोटा से छात्रों की आत्महत्या के लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद कई जरूरी कदम उठा जा रहे हैं। हॉस्टल और पीजी वार्डन से लेकर टिफिन सेवा देने वाले लोगों को छात्रों का ध्यान रखने के लिए कहा गया है। छात्र आत्महत्याओं की घटनाओं से आहत, कोटा का कोचिंग हब हॉस्टल और पीजी आवास में रहने वाले छात्रों में अवसाद या तनाव के किसी भी लक्षण का पता लगाने के लिए वार्डन, मेस कर्मचारियों और टिफिन सेवा प्रदाताओं की मदद ले रहा है। दरअसल, इंजीनियरिंग के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हर साल 2.5 लाख से अधिक छात्र कोटा आते हैं। वर्ष 2023 में छात्रों की आत्महत्या की सबसे अधिक संख्या देखी गई। अब तक 22 – जिनमें से दो ने 27 अगस्त को कुछ घंटों के अंतराल में ही जानलेवा कदम उठाया। पिछले साल, यह आंकड़ा 15 था। चिंताजनक आंकड़ों के बाद छात्रों का ध्यान रखने के लिए कोटा में कई कदम उठाए जा रहे हैं।
‘दरवाजे पे दस्तक’ अभियान
एएसपी चंद्रशील ठाकुर ने कहा कि वार्डन को ‘दरवाजे पे दस्तक’ अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, शहर की पुलिस ने मेस स्टाफ और टिफिन वालों से आग्रह किया है कि अगर कोई छात्र बार-बार मेस से अनुपस्थित रहता है और भोजन नहीं खा रहा या भोजन छोड़ रहा है या टिफिन बिना खाए मिला तो वे रिपोर्ट करें. कोटा के एएसपी चंद्रशील ठाकुर ने बताया, “हमने ‘दरवाजे पे दस्तक’ नाम से एक कैंपेन शुरू किया है, जहां हम वार्डन को प्रोत्साहित कर रहे हैं कि वे रात के करीब 11 बजे प्रत्येक छात्र के दरवाजे पर दस्तक दें, उनसे पूछें कि क्या वे ठीक हैं, उनकी गतिविधियों पर ध्यान दें और उन पर नजर रखें।
छत के पंखों पर स्प्रिंग डिवाइस
बता दें कि इसी कड़ी में अधिकारियों ने हाल ही में छात्रावासों को छात्रों को अपनी जान लेने से रोकने के लिए छत के पंखों पर एक स्प्रिंग डिवाइस लगाने का आदेश दिया था। जिला प्रशासन ने हाल ही में आत्महत्याओं के मद्देनजर कोचिंग संस्थानों को अगले दो महीनों के लिए नीट और अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए रेगुलर टेस्ट आयोजित करने से रोकने का निर्देश दिया।
000

