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—–विपक्षी एकता का महामंथन, भाजपा ने कसा तंज
मुंबई। विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की दो दिवसीय बैठक गुरुवार को मुंबई में शुरू हो गई। विपक्षी गठबंधन की यह तीसरी बैठक है और शुक्रवार को औपचारिक एवं विस्तृत चर्चा होगी।
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के कई घटक दलों के नेताओं ने गुरुवार को कहा कि वे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट हुए हैं। अगले लोकसभा चुनाव में मिलकर भारतीय जनता पार्टी को शिकस्त देंगे। यहां के एक पंचसितारा होटल में विपक्षी दलों के नेता एकत्र हुए हैं। बैठक के लिए मुंबई पहुंचे राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने कहा कि ‘इंडिया’ के मायने है कि हम सभी एकजुट होकर देश से गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई हटाएं। उन्होंने कहा, हमारा फर्ज है कि देश की एकता, अखंडता, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए साथ मिलकर लड़ें। बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, इंडिया की इस बैठक के कई मायने हैं। जनता खुद चाहती है कि उनके सामने एक सही विकल्प रखा जाए। लोकतंत्र और संविधान को खत्म करने वाले लोगों को जनता करारा जवाब देना चाहती है। अगर हम एकजुट नहीं होते तो जनता माफ नहीं करती। समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने कहा, भारत की आत्मा को बचाने के लिए विपक्षी पार्टियों का यह गठबंधन हुआ है। सत्ता में बैठे लोग भारत की मूल आत्मा को नष्ट कर, हिंदुस्तान को बर्बाद कर रहे हैं। इस गठबंधन का उद्देश्य भाजपा को 2024 में सत्ता से बेदखल करना है। भाकपा महासचिव डी राजा ने कहा कि देश की स्थिति की मांग है कि सभी धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक दल एक साथ आएं और भाजपा को हराएं। उन्होंने कहा कि सबको मिलकर संविधान की रक्षा करनी है। राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा, देश को एक सामूहिक नेतृत्व की आवश्यकता है जो युवाओं और समाज के सभी वर्गों की जरूरतों और आकांक्षाओं के प्रति उत्तरदायी हो। हमें ऐसी सरकार चाहिए जो अपने संवैधानिक दायित्वों के प्रति संवेदनशील हो। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि ‘इंडिया को लेकर जनता की जो प्रतिक्रिया आई है उससे प्रधानमंत्री और भाजपा पूरी तरह घबरा गए हैं। उन्होंने कहा कि संविधान को बचाना और संविधान में निहित अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई लड़नी होगी। राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन देश को जोड़ने के लिए है। उन्होंने कहा, इस देश में बहुत सारी चीजें टूट गई हैं, सपने बिखर गए हैं। यह गठबंधन उन्हें समेटने के लिए है, इस देश की चोट को भरने के लिए है।’ शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि ‘इंडिया’ के घटक दल लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए लड़ रहे हैं। आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने कहा, विपक्ष के गठबंधन से भाजपा बौखला गई है। ये लोग डरे हुए हैं कि कहीं यह गठबंधन सफल न हो जाए। लेकिन यह गठबंधन भारत के करोड़ों लोगों का है, जिसका विफल होना असंभव है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, हमारी जो भी पहचान इस दुनिया में है, वह इंडिया है। विपक्ष को दिक्कत हो रही है, इसका मतलब है कि ‘इंडिया’ अच्छा काम कर रहा है। मैं युवाओं से कहूंगी कि उन्हें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दिखाए प्यार, सम्मान और शांति के रास्ते पर चलना चाहिए।
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विपक्षी दलों के दिग्गजों की मौजूदगी
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव केसी वेणुगोपाल, दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल, प. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद, राकांपा प्रमुख शरद पावर, बिहार सीएम नीतीश कुमार, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, सांसद सुप्रिया सुले, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे समेत कई दिग्गज नेता बैठक में मौजूद रहे। इधर, संसद के विशेष सत्र के बारे में पूछे जाने पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, उन्हें लाने दीजिए, लड़ाई जारी रहेगी।
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उद्धव ने दिया डिनर
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने डिनर होस्ट किया। इसमें विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दलों के नेता शामिल हुए। बताया जा रहा है कि इस बार 28 विपक्षी दलों के कुल 63 नेता मौजूद रहे।
भाजपा ने ‘इंडिया’ को बताया ‘स्वार्थी’ गठबंधन
इधर, भाजपा ने गुरुवार को विपक्षी इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) की आलोचना करते हुए इसे ‘स्वार्थी गठबंधन’ करार दिया। भाजपा ने दावा किया कि इसका उद्देश्य अपने सदस्य दलों के शीर्ष पर बैठे परिवारों के हितों को बढ़ावा देना और उनकी रक्षा करना है। मुंबई में विपक्षी दलों की बैठक के बीच सत्तारूढ़ पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस की ‘मिसाइल’ कभी सफल नहीं होगी, क्योंकि इसमें ईंधन नहीं है। उन्होंने देश के ऐतिहासिक चंद्रयान-3 मिशन की पृष्ठभूमि में संवाददाताओं से कहा कि भाजपा का चंद्रयान 2024 के लोकसभा चुनाव में तीसरी बार सफलतापूर्वक उतरेगा क्योंकि इसे विकास से बल मिला है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘इंडिया’ गठबंधन में जिस न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) पर चर्चा हो रही है, वह वास्तव में भ्रष्टाचार से अधिकतम लाभ कमाने के बारे में है क्योंकि ये सभी पार्टियां मिलकर 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के घोटालों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उनका (विपक्षी गठबंधन) दूसरा उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक स्थिर और विकास समर्थक सरकार को झटका देना है।
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