—सांसदी जाने पर मीडिया से रूबरू हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, बघेल-गहलोत भी रहे साथ
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इंट्रो
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें हमेशा के लिए अयोग्य ठहरा दिया जाए या फिर उन्हें जेल में ही क्यों न डाल दिया जाए, वह लोकतंत्र की लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका नाम सावरकर नहीं गांधी है और गांधी माफी नहीं मांगते। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अशोक गहलोत की मौजूदगी वाले संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा अदाणी समूह से जुड़े सवालों से ध्यान भटकाने के लिए उन पर ओबीसी समुदाय के अपमान का आरोप लगा रही है।
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नई दिल्ली। राहुल गांधी ने संवाददाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि सरकार ने इस कदम से विपक्षी दलों को एक बड़ा हथियार पकड़ा दिया है जिसका उन्हें फायदा मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अयोग्य ठहराया गया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात से डरे हुए थे कि संसद में उनका (राहुल) अगला भाषण भी अदाणी मामले पर होने वाला था। राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि वह डरने वाले नहीं हैं और माफी नहीं मांगेंगे क्योंकि उनका नाम सावरकर नहीं गांधी है और गांधी माफी नहीं मांगते। कांग्रेस नेता ने उनका समर्थन करने वाले विपक्षी दलों का धन्यवाद किया और कहा कि सब मिलकर काम करेंगे।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी वाले संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी अदाणी समूह से जुड़े सवालों से ध्यान भटकाने के लिए उन पर ओबीसी समुदाय के अपमान का आरोप लगा रही है। राहुल गांधी ने कहा, असली सवाल यह है कि अडाणी समूह में 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, वो पैसा किसका है? उन्होंने दावा किया कि उन्हें लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराया गया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इससे डरे हुए थे कि वह सदन में अडाणी मामले पर अपना अगला भाषण देने वाले थे। कांग्रेस नेता ने कहा, अडाणी जी की शेल कंपनी हैं, उनमें 20 हजार करोड़ रुपये किसी ने निवेश किया है, ये पैसे किसके हैं? यह सवाल मैंने पूछा। मोदी जी और अडाणी जी के रिश्ते के बारे में पूछा। मेरी बातों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया। राहुल गांधी ने कहा, मेरे बारे में मंत्रियों ने झूठ बोला, जबकि मैंने कोई ऐसी बात नहीं की थी जो देश के खिलाफ हो। मैंने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि मुझे जवाब देने का मौका दिया जाए, लोकसभा अध्यक्ष मुस्कुरा कर कहते हैं कि मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, सवाल पूछना बंद नहीं करूंगा। मोदी जी का अडाणी के साथ क्या रिश्ता है, शेल कंपनियों में 20 हजार करोड़ रुपये किसके हैं, ये सवाल पूछता रहूंगा। इन लोगों से कोई डर नहीं लगता। ये सोचते हैं कि अयोग्य ठहराकर, डराकर, जेल में डालकर आवाज बंद करा सकते हैं, तो यह नहीं होगा, मेरा ऐसा इतिहास नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, मैं हिंदुस्तान के लोकतंत्र के लिये लड़ रहा हूं, आगे भी लड़ता रहूंगा। मैं किसी चीज से नहीं डरता हूं। यह सच्चाई है। भाजपा द्वारा लगाए गए ओबीसी के अपमान के आरोप पर राहुल गांधी ने कहा, मैं हमेशा कहता हूं कि सभी एक हैं। यह ओबीसी का मामला नहीं है, यह अडाणी जी और मोदी जी के रिश्तों का मामला है। भाजपा ध्यान भटकाने का प्रयास करती है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, मुझे अयोग्य ठहराया गया क्योंकि प्रधानमंत्री मेरे अगले भाषण से डरे हुए थे जो अडाणी पर होने वाला था। मैंने उनकी आखों में यह डर देखा है। राहुल गांधी ने प्रमुख विपक्षी दलों से मिले समर्थन पर कहा, मैं विपक्षी दलों का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मेरा समर्थन किया। हम सब मिलकर काम करेंगे। उनका कहना था, ‘सरकार ने जो यह ‘पैनिक रिएक्शन’ (आनन-फानन में प्रतिक्रिया) किया है, इससे सबसे ज्यादा फायदा विपक्ष हो होगा। उन्होंने विपक्ष को सबसे बड़ा हथियार पकड़ा दिया है। उन्होंने कहा, मुझे सदस्यता मिले या नहीं मिले। मुझे स्थायी रूप से अयोग्य ठहरा दें, मुझे फर्क नहीं पड़ता कि संसद के अदंर रहूं या नहीं रहूं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष का कहना था, मैं सच्चाई को देखता हूं, सच्चाई बोलता हूं। यह बात मेरे खून में है। यह मेरी तपस्या है, उसको मैं करता जाऊंगा। चाहे मुझे अयोग्य ठहराएं, मारे-पीटें, जेल में डालें, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, मुझे अपनी तपस्या करनी है। उन्होंने सजा सुनाए जाने के फैसले को चुनौती देने से जुड़े सवाल पर कहा कि वह कानूनी विषय पर टिप्पणी नहीं करेंगे।
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अदाणी समूह पर सवाल पूछना जारी रखूंगा
राहुल गांधी ने कहा कि असली सवाल यह है कि अदाणी समूह में 20 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, वो पैसा किसका है? उन्होंने दावा किया कि उन्हें लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराया गया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे डरे हुए थे कि वह फिर से सदन में अदाणी मामले पर बोलेंगे। कांग्रेस नेता ने कहा, अदाणी जी की शेल कंपनी हैं, उनमें 20 हजार करोड़ रुपया किसी ने निवेश किया है, ये पैसे किसके हैं? यह सवाल मैंने पूछा। मोदी जी और अदाणी जी के रिश्ते के बारे में पूछा। मेरी बातों को सदन की कार्यवाही से हटाया गया।
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अदाणी मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए खेला जा रहा खेल
राहुल ने ओबीसी समुदाय के अपमान करने के भाजपा के आरोप पर कहा कि मैंने हमेशा भाईचारे की बात की है, यह (मोदी सरनेम पर टिप्पणी मामला) ओबीसी के बारे में नहीं है। अयोग्य ठहराने, मंत्रियों द्वारा आरोप लगाने का पूरा खेल अदाणी मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए खेला गया। अगर वे मुझे स्थायी रूप से भी अयोग्य करार दे देते हैं तब भी मैं अपना काम करता रहूंगा। मैं यहां भारत के लोगों की लोकतांत्रिक आवाज की रक्षा करने के लिए हूं। ऐसा करता रहूंगा, मैं किसी से नहीं डरता।
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लोकसभा में बोलने का मौका नहीं मिला
राहुल गांधी ने कहा, मेरे बारे में मंत्रियों ने झूठ बोला, जबकि मैंने कोई ऐसी बात नहीं की थी जिसका दावा किया गया था। मैंने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि मुझे जवाब देने का मौका मिले। मैं स्पीकर के चैंबर में गया। मैंने कहा कि यह कानून है, नियम है। इन लोगों ने झूठा आरोप लगाया है। आप मुझे बोलने क्यों नहीं दे रहे? स्पीकर साहब मुस्कुराए और उन्होंने कहा कि मैं ऐसा नहीं कर सकता।
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अयोग्य ठहराए जाने से मुझे फर्क नहीं पड़ता
राहुल ने कहा, मुझे अयोग्य ठहराया गया, क्योंकि प्रधानमंत्री मेरे अगले भाषण से डरे हुए थे जो अदाणी पर होने वाला था। मैंने उनकी आखों में यह डर देखा है।’’ उन्होंने कहा कि मुझे सदस्यता मिले या नहीं मिले। मुझे स्थायी रूप से अयोग्य ठहरा दें, मुझे फर्क नहीं पड़ता कि संसद के अदंर रहूं या नहीं रहूं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष का कहना था। राहुल ने कहा, मैं सच्चाई को देखता हूं, सच्चाई बोलता हूं। यह बात मेरे खून में है, यह मेरी तपस्या है, उसको मैं करता जाऊंगा। चाहे मुझे अयोग्य ठहराएं, मारे-पीटें, जेल में डालें, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, मुझे अपनी तपस्या करनी है।
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विपक्षी दलों का जताया आभार
विपक्षी एकता के मुद्दे पर राहुल ने कहा कि मेरा समर्थन करने के लिए मैं सभी विपक्षी दलों का आभार व्यक्त करता हूं, हम सभी मिलकर काम करेंगे। सरकार द्वारा घबराहट में की जा रही कार्रवाई से विपक्ष को फायदा मिलेगा। राहुल से जब एक पत्रकार ने मानहानि मामले में माफी मांगने को लेकर सवाल किया तो राहुल ने कहा कि मेरा नाम सावरकर नहीं है, मेरा नाम गांधी है। गांधी किसी से माफी नहीं मांगता।
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भाजपा बोली-राहुल मामले का संबंध अदाणी प्रकरण से नहीं
इधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को इस दावे को खारिज कर दिया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में सजा और बाद में अयोग्य ठहराए जाने का संबंध अदाणी समूह के मुद्दे को उठाने से जुड़ा है। प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी ने 2019 में अपमानजनक टिप्पणी की थी। दिल्ली में गांधी के संवाददाता सम्मेलन के ठीक बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आगामी कर्नाटक विधानसभा चुनाव में इस मुद्दे को भुनाने के लिये गुजरात की एक अदालत द्वारा गांधी की दोषसिद्धि के खिलाफ फैसले पर तत्काल रोक लगवाने के लिए अपने वकीलों को काम में नहीं लगाया। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि गांधी ने मोदी उपनाम के बारे में अपने बयानों में ‘आलोचनात्मक नहीं अपमानजनक’ टिप्पणी की, जिसके कारण मानहानि का मुकदमा हुआ। प्रसाद ने दावा किया कि कांग्रेस नेता ने ओबीसी का अपमान किया है, यह ऐसा मुद्दा है, जिसे पूरे देश में भाजपा द्वारा जोर-शोर से उठाया जाएगा।
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मुंह पर ताला लगाकर, काली पट्टी बांधकर विरोध
राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता खत्म करने के विरोध में कांग्रेसी आक्रोशित है। इसको लेकर शनिवार को देशभर में प्रदर्शन हुए। भोपाल में कांग्रेसजनों ने मुंह पर ताला लगाकर और काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। लखनऊ में युकांइयों ने सड़क पर शक्ति प्रदर्शन किया। दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई समेत देश के प्रमुख शहरों में युकांइयों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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