वर्चस्व की लड़ाई बना दशहरा, होगा फैसला किसमें कितना दम

  • उद्धव और शिंदे गुट दोनों निकालेंगे रैली, करेंगे शक्ति-प्रदर्शन

मुंबई। महाराष्ट्र में दशहरा रैली का मंच तैयार है। दो गुटों में बंट चुकी शिवसेना की यह परंपरागत रैली पहली बार दो अलग-अलग मैदानों में होने वाली है। बुधवार को एक तरफ जहां, उद्धव ठाकरे शिवाजी पार्क में अपने गुट के कार्यकर्ताओं में जोश भर रहे होंगे। वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपने गुट को बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स ग्राउंड पर संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि शिवसेना के दो गुट होने के बाद यह पहला बड़ा मुकाबला है, जहां यह तय होगा कि दोनों गुटों में से ज्यादा शक्तिशाली कौन है?

जोरों पर दोनों पक्ष की तैयारियां

दशहरा रैली को लेकर दोनों ही पक्षों की तैयारियां जोरों पर हैं। सैकड़ों की संख्या में बसों और वाहनों के जरिए कार्यकताओं को यहां लाने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं सोशल मीडिया पर दोनों पक्ष दूसरे को कमजोर और अपने को बेहतर बताने में जुटे हुए हैं। बता दें कि 60 साल से चली रही यह परंपरागत रैली, ठाकरे गुट के पास यह शिवसेना को पुनर्गठित करने का बड़ा मौका है। साथ ही बीएमसी चुनाव से पहले भी अपनी ताकत दिखाने का एक बड़ा जरिया है।

शिवसेना के प्रवक्ता ने किया यह दावा

उधर शिवसेना की शाखाओं से बड़ी संख्या में रैली में पहुंचने के लिए कहा गया है। शाखाएं मुंबई और मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में शिवसेना की स्थानीय ऑफिसें हैं। इन सभी को रैली को लिए लक्ष्य दिया गया है, जिसके तहत उन्हें बड़ी संख्या में लोगों को लेकर यहां पहुंचना है। वहीं कोंकण और मराठवाड़ा, जो कि पार्टी के मजबूत पकड़ वाले इलाके हैं, वहां से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के रैली में पहुंचने की संभावना है।

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