कांग्रेस ने कहा-पीएम का ‘मौनव्रत’ तोड़ने, भाजपा बोली-बेटे-दामाद को सेट करने अविश्वास प्रस्ताव

—-मणिपुर हिंसा पर लोकसभा में चर्चा शुरू, कांग्रेस के वार पर भाजपा का पलटवार


इंट्रो

मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में मंगलवार को चर्चा हुई। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अविश्वास प्रस्ताव को पेश किया है। कांग्रेस ने कहा कि पीएम मणिपुर की घटना पर चुप क्यों हैं? यह अविश्वास प्रस्ताव पीएम मोदी का ‘मौनव्रत’ तोड़ने के लिए है। इस दौरान भाजपा ने भी कांग्रेस और विपक्षी दलों को आड़े हाथ लिया। भाजपा ने कहा कि सोनिया गांधी का एक ही मकसद है- बेटे को सेट करना और दामाद को भेंट करना।

नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस ने मणिपुर में हिंसा को लेकर ‘डबल इंजन’ सरकार पर पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव मजबूरी में लाना पड़ा ताकि इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मौनव्रत’ तोड़ा जा सके। सदन में पार्टी के उप नेता गौरव गोगोई ने लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को चर्चा के लिए रखते हुए यह सवाल भी किया कि प्रधानमंत्री ने मणिपुर का दौरा क्यों नहीं किया और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को पद पर क्यों बनाए रखा? उन्होंने दावा भी किया कि प्रधानमंत्री मौन रहना चाहते हैं क्योंकि उन्हें सिर्फ अपनी छवि से लगाव है और वह अपनी सरकार, गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विफलताओं को सामने नहीं आने देना चाहते। कांग्रेस सांसद ने कहा, मैं इस अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन के दलों को आभार प्रकट करते हैं। उनका कहना था, यह हमारी मजबूरी है कि हमें यह अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा है। यह संख्या को लेकर नहीं है, बल्कि मणिपुर के इंसाफ के लिए है। गोगोई ने कहा, यह अविश्वास प्रस्ताव हम मणिपुर के लिए लाए हैं। आज मणिपुर इंसाफ मांगता है, मणिपुर के युवा, महिलाएं इंसाफ मागती हैं। उन्होंने दावा किया कि अगर आज मणिपुर जल रहा है तो भारत जल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर मणिपुर में आग लगी है, मणिपुर विभाजित हुआ तो भारत में आग लगी है, भारत विभाजित हुआ है। कांग्रेस नेता ने कहा, हमारी मांग थी कि देश के मुखिया होने के नाते प्रधानमंत्री सदन में बयान दें और यहां से सदेश दिया जाए कि दुख की घड़ी में हम मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री ने मौन व्रत लिया। इसलिए हम इस अविश्वास प्रस्ताव लाए क्योंकि हम प्रधानमंत्री का मौन व्रत तोड़ना चाहते हैं। गोगोई ने सवाल किया, प्रधानमंत्री मणिपुर क्यों नहीं गए? उन्हें मणिपुर पर बोलने में लगभग 80 दिन क्यों लगे? जब बोले तो सिर्फ 30 सेकेंड के लिए बोले। उन्होंने आरोप लगाया कि आज तक प्रधानमंत्री की तरफ से संवेदना का कोई शब्द नहीं है, न शांति की गुहार लगाई। गोगोई के अनुसार, मणिपुर में थाने से हथियार लूटे जाते हैं। एक भीड़ थाने में जाकर हथियार लूट ले जाती है। अत्याधुनिक हथियार लूटे गए हैं जिसमें ए के 47 राइफल, इंसास राइफल हैं। क्या यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला नहीं है? यह बंदूक किस पर चलायेंगे ? उन्होंने दावा किया, उच्चतम न्यायालय ने मणिपुर के मामले पर समिति बनाई है। स्पष्ट होता है कि शीर्ष अदालत ने केद्र राज्य के कार्य को स्वीकार नहीं किया। केंद्र सरकार ने समिति बनायी लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला।’

कांग्रेस ने सरकार से पूछे सवाल

—प्रधानमंत्री ने आज तक मणिपुर के मुख्यमंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया?

— 80 दिन क्यों लगे मणिपुर पर बोलने में, बोले तो सिर्फ 30 सेकंड बोले

— प्रधानमंत्री मोदीजी मणिपुर क्यों नहीं गए? गृहमंत्री के अलावा, राहुल गए, इंडिया अलायंस के सांसद गए।


‘डबल इंजन’ की सरकार पर तंज

कांग्रेस नेता गोगोई ने कहा कि गुजरात, उत्तराखंड, त्रिपुरा में चुनाव आने से पहले मुख्यमंत्री को बदल दिया गया। मणिपुर के मुख्यमंत्री को ऐसा क्या आशीर्वाद दे रहे हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी को कबूल करना होगा कि मणिपुर में ‘डबल इंजन’ की सरकार विफल हो चुकी है।

नहीं देखा ऐसा बंटवारा

गोगोई ने कहा, मणिपुर में कोई पहली बार हिंसा नहीं हुई है। लेकिन समाज के दो वर्गों के बीच ऐसा बंटवारा हमने पहले कभी नहीं देखा था। कांग्रेस नेता ने कहा, आज भाजपा की इस राजनीति से दो मणिपुर बन गए हैं। मैं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का संदेश मणिपुर के मुख्यमंत्री को देना चाहता हूं कि राजधर्म निभाया जाए। उन्होंने दावा किया कि अगर मणिपुर में वीडियो वायरल नहीं होता तो प्रधानमंत्री नहीं बोलते, चुप्पी साधे रहते।


भाजपा बोली-गरीब के बेटे के खिलाफ लाया अविश्वास प्रस्ताव

इधर, भाजपा ने मंगलवार को कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उन्हें जनता से जुड़े मुद्दों से सरोकार नहीं है। वे एक ऐसे प्रधानमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाये हैं जो गरीब परिवार से आते हैं। उन्होंने गरीब जनता को मकान, शौचालय और पीने का पानी उपलब्ध कराया है, उनके कल्याण की चिंता की है। लोकसभा में कांग्रेस के गौरव गोगोई द्वारा सरकार के खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, आज यह अविश्वास प्रस्ताव एक गरीब के बेटे के खिलाफ लाया गया है। यह प्रस्ताव उस व्यक्ति (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी) के खिलाफ है जिसने गरीबों को मकान बनाकर दिये, जिसने गरीब जनता को पीने का पानी दिया, शौचालय दिये, जिसने गरीब के घर में उजाला लाने की कोशिश की। दुबे ने कहा कि विपक्षी दलों का विरोध इस बात पर है कि प्रधानमंत्री मोदी के शासनकाल में गरीब के घर में चूल्हा क्यों जल रहा है, विदेशी नेता प्रधानमंत्री का सम्मान क्यों करते हैं। उन्होंने कहा कि महाभारत में द्रोपदी का चीरहरण हो रहा था और भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, धृतराष्ट्र आदि सब मौन धारण किये हुए थे। दुबे ने कहा, इसी तरह आज जब आप (विपक्ष) प्रधानमंत्री का, गरीबों और किसानों के एक हितैषी का चीरहरण करेंगे तो जिस तरह उस समय भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, धृतराष्ट्र में से कोई नहीं बचा, उसी तरह 2024 में आपमें से कोई नहीं बचेगा। हम 400 सीट के साथ सत्ता में वापस आएंगे।

सोनिया पर भाजपा का ऐसा तंज

भाजपा सांसद ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में विपक्षी सदस्यों की भूमिका की तुलना महाभारत में द्रोपदी चीरहरण से की। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर तंज कसते हुए दुबे ने कहा कि वह एक भारतीय महिला की भूमिका निभा रही हैं और उनके लिए इस अविश्वास प्रस्ताव का एकमात्र मूलमंत्र है, बेटे को सेट करना और दामाद को भेंट करना। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कहते हैं वह सावरकर नहीं हैं जो माफी मांगे। दुबे ने कहा कि वह सावरकर हो भी नहीं सकते जिन्होंने 28 साल तक जेल में बिताए थे। इस दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी सदन में थे।

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