–50 लोगों की टीम हादसे की जांच में जुटी
–ओरेवा कंपनी के दो मैनेजर समेत नौ पर कार्रवाई
नई दिल्ली। गुजरात के मोरबी शहर में मच्छु नदी पर केबल ब्रिज हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर सोमवार को 134 हो गई। सोमवार रात तक बचाव अभियान जारी रहा। इस हादसे में राजकोट सांसद मोहनभाई कुंडारिया के परिवार के 12 सदस्यों की मौत हो गई है। इस मामले में अब तक ओरेवा समूह ग्रुप के चार कर्मियों समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी कई एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियान पर नजर रखने के लिए रात भर मोरबी में रहे। राजधानी गांधीनगर से करीब 300 किलोमीटर दूर स्थित मोरबी में मच्छु नदी पर बना यह पुल एक सदी से भी अधिक समय पुराना है। मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य के बाद इसे आम जन के लिए पांच दिन पहले ही खोला गया था। पुल रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे टूट गया। राजकोट के रेंज महानिरीक्षक अशोक यादव ने बताया, पुल टूटने की घटना में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 134 हो गयी है। राज्य के सूचना विभाग ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के पांच दल, राज्य आपदा मोचन बल के छह दल, वायु सेना का एक दल, सेना की दो टुकड़ियां तथा भारतीय नौसेना के दो दलों के अलावा स्थानीय बचाव दल तलाश अभियान में शामिल हैं। तलाश अभियान रात भर चला, जो अब भी जारी है। यादव ने कहा, बचाव अभियान अभी जारी है। संघवी ने पत्रकारों से कहा कि राज्य सरकार ने पुल टूटने की घटना की जांच के लिए एक समिति गठित की है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि अंग्रेज़ों के समय का यह ‘हैंगिंग ब्रिज’ जिस समय टूटा, उस समय उस पर कई महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। पुल टूटने के कारण वे नदी में गिर गए। जब पुल टूटा तो उस समय स्थानीय लोगों के अलावा नजदीकी शहरों और गांवों के लोग भी पुल पर मौजूद थे। दीपावली की छुट्टी और रविवार होने के कारण पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे इस पुल पर काफी भीड़ थी। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे से पहले कुछ लोगों को पुल पर कूदते और उसके बड़े तारों को खींचते हुए देखा गया। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि पुल उस पर ‘‘लोगों की भारी भीड़” के कारण टूट कर गिर गया हो। उन्होंने बताया कि जब पुल टूटा तो लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरे। कई लोगों को अपने आप को नदी में गिरने से बचाने के लिए पुल के एक छोर से लटके हुए भी देखा गया। पुल टूटने के बाद उसका एक हिस्सा नदी में लटक गया। एक स्थानीय अस्पताल में लोगों ने भीड़ होने से रोकने तथा एम्बुलेंस के लिए रास्ता साफ करने के लिए मानव श्रृंखला बना ली।
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परिवार की मौत, मौके पर पहुंचे सांसद कुंडारिया
इस हादसे में राजकोट सांसद मोहनभाई कुंडारिया के परिवार के 12 सदस्यों की मौत हो गई है। घटना के बाद कुंडारिया खुद भी मौके पर पहुंचे थे और हालात का जायजा लिया था। कुंडारिया की बहन के परिवार के 12 लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि इनमें 5 बच्चे भी शामिल थे। कुंडारिया ने बताया, यह बहुत दुखद है। पानी निकालने के लिए मशीनरी मौजूद है, ताकि हम अंदर दबे शवों का पता लगा सके, क्योंकि यहां बहुत मिट्टी है। मुझे लगता है कि ब्रिज ओवरलोड हो गया और इसकी वजह से घटना हुई। कई दल बचाव कार्य में लगे हुए हैं।
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ओरेवा समूह को मिला था ठेका
गुजरात के मोरबी शहर में मच्छु नदी पर तारों का पुल टूटने के मामले में सोमवार को ओरेवा समूह के चार कर्मियों समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। ब्रिटिश काल के दौरान बने इस पुल के रखरखाव और संचालन का ठेका ओरेवा समूह को मिला था। इस हादसे में करीब 134 लोगों की मौत हो गई। राजकोट रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अशोक यादव ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, इन नौ लोगों में से दो लोग मैनेजर हैं, जबकि दो पुल के पास टिकट बुकिंग क्लर्क हैं। हम गहन जांच करेंगे और दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा।उन्होंने कहा कि अन्य पांच आरोपियों में ओरेवा समूह द्वारा काम पर रखे गए दो मरम्मत ठेकेदार और पुल पर सुरक्षाकर्मियों के रूप में काम करने वाले तीन लोग शामिल हैं।
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50 लोगों की बनी टीम
आईजी ने बताया कि 50 लोगों की टीम जांच में जुटी है। आईजी ने कहा कि पुलिस-प्रशासन का फास्ट रेस्पॉन्स हुआ है। पुलिस ने मानवता को बचाने के लिए बेहतर काम किया है। इस हादसे के दौरान भले ही पुलिस की काफी व्यवस्था हो लेकिन मोरबी के एक-एक लोगों ने भी बेहतरीन काम किया है। आईजी ने कहा कि एंबुलेंस की व्यवस्था हो या खाने-पीने की व्यव्स्था हो मोरबी के लोगों ने बड़ा काम किया है।
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पीएम मोदी आज जाएंगे मोरबी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मच्छू नदी पर हुए झूला पुल हादसे के बारे में जानकारी लेने के लिए मंगलवार को दोपहर बाद खुद मोरबी जाएंगे। गुजरात मुख्यमंत्री के कार्यालय में सोमवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी है। ट्वीट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मंगलवार को दोपहर बाद मोरबी में मच्छू नदी पर बने झूला पुल के टूटने से हुई दुर्घटना के बाद स्थिति का जायजा लेने वहां जायेंगे। वह हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से भी मिलेंगे।
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